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Tuesday, January 27, 2009
सबका मालिक एक है
ॐ साईंराम, बाबा ने अपने जीवन के कुछ ही साल द्वारकामाई में बिताये मगर द्वारकामाई से जो संदेश उन्होंने सारी दुनिया के लोगो के लिए लिया वो सदा सर्वदा के लिए अमर हो गया. बाबा ने जिस समय शिर्डी में अवतार लिया था उस समय शिर्डी भारत के एक साधारण गाँव से अधिक नहीं था. समाज में बुराईया और कुरीतिया भरी पड़ी थी. बाबा ने हमेशा इन कुरीतियों और बुराइयों का विरोध किया और अपनी द्वारकामाई से बस एक ही संदेश दिया की सबका मालिक एक है. बाबा के कहने में कुछ जादू था. भक्तो ने सुना और बाबा की बताई राह चल पड़े. बाबा ने श्री साईं सत्चरित्र की कहानियो में बताया है की दुनिया की हर चीज़ में मालिक का अंश है. बाबा ने कहा की मुझे हर पशु-पक्षी, कीट-पतंग, सजीव-निर्जीव में समझो. बाबा वास्तव में केवल साढे तीन हाथ के प्राणी नहीं थे बाबा अपने आप में एक संस्कार, एक विद्यालय थे. बाबा के वचनों में हिन्दुओ की गीता, मुसलमानों की कुरान, सरदारों के गुरु ग्रन्थ साहिब और इसाइओ की बाइबल. बाबा कभी-कभी वो शिक्षा भी देते थे जो शायद किसी भी धर्मग्रन्थ में नहीं मिलेगी. बाबा के नाम का जो प्रभाव और स्पंदन उस समय भक्तो के मन में होता था वही आज भी हम अपने ह्रदय में महसूस कर सकते हैं. मुझे आपके संदेशो की प्रतीक्षा रहेगी।
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